Saturday, September 3, 2016

University of Miami

University of Miami may be a personal establishment that was supported in 1925. it's a complete undergrad enrollment of eleven,273, its setting is community, and also the field size is 239 acres. It utilizes a Semester-based educational calendar. University of Miami's ranking within the 2016 edition of Best faculties is National Universities, 51. Its tuition and costs area unit $45,724 (2015-16).
General info
Private, Coed
SCHOOL sort
1925
YEAR supported
N/A
RELIGIOUS AFFILIATION
Semester
ACADEMIC CALENDAR
Suburban
SETTING
$865,434,666
2014 ENDOWMENT
School Mission and distinctive Qualities

Content is provided by the varsity.

The University of Miami isn't simply another university. At the U, we have a tendency to remodel lives through teaching, research, and repair. Through our core values of diversity, integrity, responsibility, excellence, compassion, creativity, and cooperation, the University of Miami creates a learning setting wherever contributions area unit recognized and valued. we have a tendency to educate leaders, problem-solvers, and agents of amendment WHO area unit captivated with learning, desperate to contribute to their community, and liberal to color outside the lines. As a student, you're admitted on to your major, none of that waiting 2 years to induce right down to business. whether or not you ask for to form your mark in science, service, or the humanities, we have a tendency to nurture that zeal through a course of study that integrates educational rigor and theory with real-world expertise. With the flexibleness to settle on from quite a hundred and eighty majors and programs across 9 colleges and faculties, you're inspired to style a course of study that crosses disciplines and is clearly you. Our distinctive Cognates Program permits you to complete your general education needs in a very approach that reflects your individual interests and goals. Cognates enable you to mix all of your passions by taking 3 connected categories from our numerous departments, schools, ANd faculties for an education that's each broad and deep. Our students translate information, experiences, and connections into productive and fulfilling achievements. With access to a global metropolitan town, the experiential learning opportunities area unit endless. Here, you're doing one thing, in labs and internships, in Miami, and in countries 0.5 approach round the world. If you're probing for an opportunity to travel and to immerse yourself in another culture, UM on Location Programs bring study abroad within sight. choose between quite eighty five colleges in 40-plus countries to arrange your unbelievable instructional journey. With programs tutored by UM college and coordinated by workers, you are doing not need to worry concerning transferring credits, and your money help goes with you. the colourful, various town of Miami offers a broad vary of office opportunities in your own grounds, from noncommercial organizations to international companies, and everything in between. you'll be able to connect with college on comes starting from volunteer experiences to with-it analysis. Explore topics like genetics, the humanities, temperature change, and more, and build major contributions to new information as early as your freshman year. Our college members lead by example and can instill in you the importance of victimisation your skills to advance your community, at each an area and international level. Six months when graduation, alumni WHO have entered the manpower area unit earning a median beginning regular payment of $50,000. the range of teachers, resources, and students at UM build it the proper place to realize a very international education.

Saturday, August 27, 2016

जीवन से जुवा खेलिये और सफलता प्राप्त करे , वाल्ट डिजने

डिज्नीलैण्ड  जैसा अदभुत चीज बनाकर नाम और दाम कमाने में सफल विश्वविख्यात हस्ती का नाम है ----वाल्ट डिजने /
आइडिया न होने के आरोप लगाकर उनके बोस ने नौकरी से निकाल दिया तो भी उन्होंने नया आईडिया निकाल कर अपना ईख ( जूनून ) का बदला का संकल्प किया / इसी संकल्प में खड़े हो कर सफलता की शंख नाद किया और सफलता ठोकी / पर यह महान सफलता बहुत कठिनता से मात्र उपलब्ध हुई / क्योंकि इस बीच में ८ बार नर्वस ब्रेकडाउन का शिकार होकर के आत्महत्या करने की प्रयास किया / उन्होंने डिज्नीलैण्ड के प्रस्ताव अपने भाईयो में उजागर करने  पर उनको पागलपन का आरोप तक लगा / विशेषज्ञ लोगो उनके प्रस्ताव की खिल्ली उड़ाई /  याद रखे----उन्होंने  दुनिया  की बातो न मान कर यहाँ तक की घरबार सम्पूण चीज बेच कर जीवन को दांव लगाकर जुवा खेल कर और अंत में सफलता और विजय पाई /


काम तुच्छ हो पर सपना महान हो /

                 एन्ड्रयू कारनेगी


वे अपने  समय में संसार के सबसे धनवान आदमी बनने में सफल हुए / संसार के सबसे धनवान  होते हुए भी इन्होंने स्कूल से शिक्षा से वंचित हुए शिक्षित नहीं थे / सामान्य तौर पर वे कहे तो वे अशिक्षित होते हुए भी उनके साथ बड़ा सपना था /अपने इसी सपना को साकारका  करने  के लिए वे १३ बरस के उम्र में स्कटल्याण्ड से अमेरिका पहुंचे / उहा पर उन्होने एक सूती मिल में मजदूरी किया / उसके बाद टेलीग्राफ सिख कर टेलीग्राफर बने / अपने काम से एक के बाद एक तरक्की करते हुए अपना संपूर्ण  जमा पूंजी को  कार कपंनी तथा तेल के क्षेत्र में लगानी किया / इस प्रकार  पर्याप्त मात्रा में हुई आर्थिक लाभ को स्टील कंपनी में लगानी किया / इसप्रकार  एक के बाद एक क्रमसः अनेक कंपनी निर्माण करते गए /
अपनी ही महान  सफलता  के कारण एक छोटी मजदूर से संसार का सबसे  बड़ा  धनाढ्य  बनने में सफलता हासिल किया / एहि नहीं अपनी जीवन वर की कमाई की पूंजी से ३५ करोड़ से अधिक सङ्घसंस्था  को दान दे क़र अपनी महानता का परिचिए दिया / 
अतः वे अपनी सफलता को सूत्रबद्ध रूप से कहते है ---- " सफलता के लिए पहिला आवश्क्यता है ईमानदारी और परिश्रम तथापि एकाग्रता / "

परीक्षा में असफल हुए तो भी कोई बात नही / लियो टॉलस्टाय

संसार के १० महानतम साहित्यकार मधेय एक गिने जाने वाले टॉलस्टाय  कलेज में एक असफल विध्यार्थी थे / उनका शिक्षक कहते थे ---- टॉलस्टाय असक्षम ही नहीं उत्साह रहित विधयार्थी हैं /परंतु यही विद्यार्थी ने उस वक्त के सभी  विद्यार्थी को पीछे छोड़ते हुए संसार के आखँ में आगे आये / पढाई वालो को इतिहास ने नील लिया हरा दिया और अपने खूबी के द्वारा चमकने वाले टॉलस्टाय को इतिहास ने कभी न भुलाये जाने के रूप में पहचान दिया / उन्होने पढाई को छोड कर (वार एंड पिस)  जैसा कालजयी कृति लिखा तभी तो दुनिया ने उनको कभी न भुलने वाले के रूप में जाना दुनिया नतमस्तक है टॉलस्टाय के कृति पर /


समस्या  का समाधान  नहीं वरना सदुपयोग करने से सफलता मिलै है /
                                               विंस्टन चर्चिल
समस्या  का समाधान, समस्या का सदुपयोग करने में  ही सफलता  है /
एक लड़का जैसा माता पिता सोचते है वैसा स्कूल के पढ़ाई में अच्छे नहीं होते है / यह  चिन्ता के ही होने पर भी लड़का ६ क्लास में  फेल हो जाता है / सन १८७४ में जन्मे हुआ ऐसा कमजोर लड़का सन १९४० में प्रधान मंत्री बनता है सन १९५४ में नावेल पुरष्कार भी जितने में सफल होता है / जबकि वे छोटे उम्र में भक्भकाते थे, ठीक से नहीं बोले पाते थे / सभी साथी भी लोग उनका मजाक उड़ाते थे / एक दिन उन्होंने महान वक्ता बंनने की भीष्म प्रतिज्ञा ठोकी / याद रखिये ----महान वक्ता बनने की संकल्प किया  तभी वे सफल हुए / उन्होंने  कहा है  ---की निराशा वादी  वाले हरेक अवसर को कठिन समझते है और जहां आशा वादी हरेक कठिनाई में अवसर देखते है /


                                                        

प्रतिभा न हो तो क्या हुआ, प्रतिज्ञा तो कीजिये / लुइपाश्चर

पागल कुत्तो के काटने पर इन्जेक्सन का पता लगाने वाले लुइपाश्चर कलेज पहुचने तक भी सामान्य  विद्द्यार्थी थे/ २२ विध्यार्थी के समूह मे उनका स्थान १५ आँ  था /

उस वक्त कुत्ता के काटने पर उपचार के रुप मे लोहा को लाल कर उस से ही दागा (ईलाज ) जाता था उपचार विधि मे / इसप्रकार के दृस्य ने उनको मर्माहत किया तभी उन्होने पर्तिज्ञा किया कि आइन्दा ऐसा इलाज का कुत्ता के काटने वाले के लिय औसधी खोज्ने कि भीष्म ---प्रतिज्ञा किया / देखते ही देखते एक सामान्य विधार्थी कि प्रतिभा विस्फोट हुआ / अतः प्रतिभा न हो तो चिन्ता कि कोइ बात नही करे / जैसी भी क्षेत्र मे हो या लगे हो तो भी  एक  भिस्म --प्रतिज्ञा तो जरु करे करना जरुर चाहिय /



लगातार निरन्तर लगे रहने पर असफल कोहि भी नही होता है / 
                                           
                                             थोमस एल्वा एडिसन

बिजली चिम शिशा लगायत एक हजार ९३ नब्बे जितना बैज्ञानिक आविस्कार करने वाले एडिसन ने एक भी  कालेज पढ ने पाया/ स्कूल मे वे मेधावी विद्यार्थी भी  नही थे एसा सुनकर जो भी चकित होगा / उनका टिचरो का टिप्पणी यहा तक किया की एडिसन अतिमुर्ख है त भी तो कोइ भी सिखाना नही चाहते/ इसिलिय वे तिन महिना तक स्कूल ही नही गए, लेकिन  उनके ममी ने उनको घरमे ही पढ़ाया /


रूचि से  आदमी महान बनता है /
            
                 सर आइज्याक न्यूटन

विज्ञान में सबसे ज्यादा १०  हस्ती मध्य में एक है ----न्यूटन / जबकि वे स्कूल में मात्र २ बर्ष  अध्यन कर पाए / उस समय तक भी उनका प्रतिभा का कोई पता नहीं था / वे सामान्य एक बिद्यार्थी थे / उनका रूचि खास पढाई के बिपरीत प्रकृति के रहस्य में केन्द्रित था / तभी तो वे छोटे उम्र में ही घाम का घडी , पानी का घडी , हवा से चलने वाले मील बनाने में  लगे रहे / अतः पढाई नही अपितु रूची को अनुसरण करके एक महान बैज्ञानिक बने / आप का क्या विचार है /अपनी रूची में विस्फोठ   कर सकते है ?
दूसरे आदमी मुझको एक प्रतिभावान मानते है पर मई अपने को धैर्यवान मानता हूँ, क्योकि मेरा सभी प्रतिभा धैर्य से ही बने है , इसीलिए मई अपने को प्रतिभावान कम और ज्यादा धैर्यवान समझता हूँ /

सफलता के लिए शिक्षा से नही अपितु इच्छा कि जरुरत होती है/ चार्ल्स डार्विन


विकाश वाद का सिद्धान्त प्रतिवादन करके  इतिहास  पुरुष  बने हुए डार्विन स्कुल मे अत्यन्त सामान्य विद्द्यार्थी के रुप मे जाने जाते थे लेकिन जीव जन्तु के अध्यापन और अवलोकन मे ज्यादा रमण करते थे / खालि पशु पक्षी  मे ही केन्द्रित होना इस आदत को उनके पिता ने भी ठीक नही माना उनके इस काम को / इसिलिए एकदिन उनका पिताजी ने उनका विरोध किया -- ठीकठाक कामकाज मे तुम्हारा वास्ता नही है केवल कुत्तो , बिल्ली से खेलना हि जाना है / उनके पिता ने उनको डाक्टरी कराने कि  कोशिश की परन्तु उन्होने नही माना और उनका इच्छा जिस विषय मे रहा उसीमे लगे रहे जिन्दगी भर / परिणामस्वरूप वे अपनी सफलता की उचाई मे पहुँचे /अतः अपना इच्छा को शिक्षा और करियर बनाने पर धयान दे तो  जो कोई  भी अत्यन्त सफल होते हैं /


प्रतिभा न हो तो क्या हुआ, प्रतिज्ञा तो कीजिये /
                                            लुइपाश्चर

पागल कुत्तो के काटने पर इन्जेक्सन का पता लगाने वाले लुइपाश्चर कलेज पहुचने तक भी सामान्य  विद्द्यार्थी थे/ २२ विध्यार्थी के समूह मे उनका स्थान १५ आँ  था /
उस वक्त कुत्ता के काटने पर उपचार के रुप मे लोहा को लाल कर उस से ही दागा (ईलाज ) जाता था उपचार विधि मे / इसप्रकार के दृस्य ने उनको मर्माहत किया तभी उन्होने पर्तिज्ञा किया कि आइन्दा ऐसा इलाज का कुत्ता के काटने वाले के लिय औसधी खोज्ने कि भीष्म ---प्रतिज्ञा किया / देखते ही देखते एक सामान्य विधार्थी कि प्रतिभा विस्फोट हुआ / अतः प्रतिभा न हो तो चिन्ता कि कोइ बात नही करे / जैसी भी क्षेत्र मे हो या लगे हो तो भी  एक  भिस्म --प्रतिज्ञा तो जरु करे करना जरुर चाहिय /



सोचने का तरिका बदलो और सफलता का यात्रा करो , आइन्स्टाइन


आइन्स्टाइन  को देखकर शिक्षक क्रोधित कहते है "  मुर्ख खाली बेकार के सपना मे उलझना ही जाना है कोई काम धन्दा नही है, एकल प्राणी मन्दबुद्धि वाले लड़के , तु भभिस्य मे कुछ नही कर सकता है "
यह कटु सत्य है कि आइन्स्टाइन  चार वरस के उमर मे भी नही बोलना जानते थे जबकि खास आम बच्चे दो बरस मे भी बोलना जानते है / सात बरस तक के पहुचते हुए भी उनको पढना नही आया , जबकि दुसरे बच्चे तिन , चार बरस मे हि सब्द पहेचंना जाता है / जुरिच पोलिटिक्निक मे तो उनका स्कूल मे भर्ना तक नही हुआ / इतना मन्द बुद्दी क़ा बालक आखिर कालान्तर मे सबसे प्रखर बैज्ञानिक बन गए, और सफलतम संसार के बैज्ञानिक सिद्द हुए/ कसै सम्भव हुआ / वे वास्तव मे शब्द से ज्यादा चित्र द्वारा हि सोचते और विचार करते थे, इस प्रकार वे अपने सोच्ने कि तरिका काम करने कि तरिका द्वारा सफल हुए येही उनका सफलता क़ा सुत्र है / हमारा वर्तमान जित्न भी पीडादायक हो , कुरुप हो कमजोर हो तो भी भभिसय को स्वर्णिम बनाया जा सकता है / अतः आज से हि,अभि से आपने को आइन्स्टाइनिकरण करना सुरु करे अर्थात् चित्र द्वारा सोच्ने क़ा अभ्यास करे / यानी विचारको चित्र मे बदल्ने का अभ्यास करे / ही
रात को सोने के पुर्ब बिस्तर मे लेते हुए दिनभर क़ा एक एक घटना और कल्पना करते हुए विब्चना करे सम्झे और कल क़ा जो काम हमको करना है अपनी कल्पना मे उतार के सोना चाहिए इसप्रकार सोने से पूर्व निश्चय करके सफलता के लिए आदत मे सुधार करे / 


सकारातम जुनुन, ईख कl कमाल /
           
                           बिथोविन

विश्व ---विख्यात संगीतकार विथोविन अपने प्रशिक्षक से  भवाईलिन सिख रहेथे/ परन्तु वे अन्य  परिक्षात्री   के तुलना मे वे बहुत कमजोर और गतिशील नही थे/ वे उतना अपने सिक मे सुधार नही कर सके थे नही कोइ सुधार उनमे दिखा / उनके टिचर ने उनको मुख मे हि कद्दा वचन कह दिया ----बिथोलिन , तुम संगीतकार के रुप मे सफल होना आसर नही दिखता और कोइ आशा नही कर सक्तI तुमसे/
याद रखिए--- यही कमजोर परिक्षात्री एक दिन येसे चम्के कि प्रतिभावान जिनसे लोहi लेना पडा सभी सiथियो परास्त किया / इस इख जुनुन को लेकर अपने लक्ष्य मे जो लगजाये तो सोय हुए प्रतिभा जागृत होकर सफल बनादेता है और सोई हुई प्रतिभा तुरन्त जाग जाति है / इसी कारण सफल होने के लिए भी जुनुन सफल होने के लिए जरुरि है /

education knowledge " नव सफलता शास्त्र "

मस्तिक और बुद्धि विकास का चरण क्रमाङ्क
जब जब मस्तिक का विकास होता है उतना उतना प्राणी का  विकास होता है/ रेप्टायल से बडा प्राईमेट का भेजा बडा होता है और  प्राईमेट से बडा वनमानुस का होता है /इसी कारण बडा मस्तिक के होने से दुसरे  वनमानुस दुसरे से ज्यादा बुद्धिमान होता है / दिए हुए चित्र पर गौर करे /
आदमी का खोपडी सबसे बडा दिखता है क्योंकी उसका दिमाग वनमानुस से दो तिहाइ से बडा होता है / इसी अवस्था मे हि आदमी एक लाख वर्ष से अधिक  से पृथिवी मे पहुँच चुक था / अस्ट्रेलोपिथिक्स , होमो हेविलिस और होमो ईरक्टस  जैस चरण पार करके वह आधुनिक मानव बना / उसके तदुपरांत उसका मस्तिक विकास होता नही दिखा तभी से आदमी का प्रयास मस्तिक मे थप विकास कि आवश्कता महसुस हुई है / स्मरण रहे ----लागातर सिखने कि प्रवृति से मस्तिक के साईज मे बृधि ( बढने ) होती है इस्क पुस्टि वैज्ञानिक दवारा हो चुका है /


न्युरोन  अर्थात मस्तिक कोष

येही है मस्तिक कोस का चित्र ---न्युरोन / इसप्रकार न्युरोन कि संख्या हमारे दिमाग मे एक खरब  माना  जाता है जबकी हरेक एक न्युरोन  मे दस हजार डेण्ड्राइस  होते है /


बिचार बदले !!


"ब्रहमाण्ड तथा हमारे चारो तरफ की  सभी  बाते विचार से हि उत्पत्ति होतें हैं/ और क्वाट्म  मेक्यानिस्म से इसकी पुस्टि हुइ  है
                                                                                                                                                             ड़ोकटर . जॉन हेजलिन

सोच्ने का तरिका बदले और सफलता का यात्रा  कीजीय/

जन्म  लेना हि आदमी का जीत है , लेकिन इसको अगर विस्वास करे सके तो  हार है / और वो सफलता का पुरस्कार पाकेर भी असफलता का पिडा पाता हैतुम लडाई हार सकते  हो परन्तु यूद्ध नही / लडाई हर जगह लड सकते है परन्तु युद इन सबका निचोड है / अतः लडाई का जितना हारना इसका दिर्घ कालिन  महत्व नहीं है , जितना भी  लडाई  हारे अगर एक भी लडाई जित सके तो पुराना सब हार भी जीत मे बदल जाता है अथवा जीत ही है / जैसा की प्रिथिवी नारायण शाह  ( नेपाल के राजा)  ने एतिहासिक कई लडाई लडी और हार का सामना  करना पडा , ऐसे हि सिकन्दर ने  भी  कई लडाई हारे पर बाद मे हिन्दुस्तान को जीतने तक अन्तिम मे एक ही युद्ध मे सब जीत  लिया जो कि संसार को  जितने वाला कहलाया / अतः उन्होने हारा था कई लडाई पर जिता था  एक बडा युद्ध, अतः आदमी बनकर धर्ती मे खडा होना ही सफल होना ही पहिला युद्ध जीत जाना तुम्हारा उदाहरण है /